ज्वेलरी डिजाइन

Matrix

Software

4 Months

course DURATION

2 Months

internship

Job

YES(100%)

           ज्वेलरी डिजाइन का कोर्ष करके काम करने से हर महीने आप कमा सकते है १२,००० से ५०,००० और उनसे भी ज्यादा.

          ज्वेलरी डिज़ाइन में कोम्प्यूटर पर रिंग, बेंगल्स, ब्रेसलेट, नेकलेस, पेंडन्ट-सेट, मंगल सूत्र, इअरिंग जैसी डायमंड ज्वेलरी के गहने की डिज़ाइन बनायी जाती है

           ज्वेलरी डिज़ाइन कोर्ष कोई भी सिख सकता है, क्योंकी सब डिज़ाइन कोम्प्यूटर पे ही बनायीं जाती है और आज के समय में कोम्प्यूटर पे काम करना, सिखना और भी सरल हो गया है ।

    ज्वेलरी क्या है और कोम्प्यूटर पे बनाने के फायदे क्या है?

             ज्वेलरी डिज़ाइन कोम्पुटराइज़ बनाने से ख्याल आ जाता है की गहेना कैसा बनेगा, कितने ग्राम में बनेगा, कितने केरेट में बनेगा, उसमे कितने डायमंड की जरूरत रहेगी, कोन सी साइज़ के डायमंड की जरूरत रहेगी। डिज़ाइन बनने के साथ ही हमे पता चल जाता है की उसके लुक में कोई change  करना है या नही   कोई भी गहेना बनाने से पहेले ही उसका बजट तय किया जाता है और अगर बजट बढ़ जाए तो तुरंत ही उस डिजाइन मे change कर सकते है और हमें जैसी चाहिए एसी डिज़ाइन बना सकते है ।

            कोम्प्यूटर पर डिज़ाइन बनाने से डिज़ाइन जल्दी से बनती है और फिनिशिंग बहुत ही अच्छी आता  है । उससे क्या होगा की मेन्युफेक्चरिंग कंपनी कम समय में, कम से कम महेनत में जितना चाहिए उतना प्रोडक्शन निकाल सकती है ।कोम्प्यूटराइज डिज़ाइन बनाने से गहेना बनाने में बहुत ही कम समय लगता है, यानि की समय की बहुत ही बचत होती है । इसलिए आज के समय में डायमंड ज्वेलरी के गहने की डिज़ाइन 100 % कोप्यूटराइज ही बनाइ जाती है ।

    स्मार्ट और व्हाइट कोलर जोब…

        ज्वेलरी डिज़ाइन की जॉब स्मार्ट और एकदम व्हाइट कोलर जॉब कही जाती है।  उसमे आपको कंपनी की ऑफिस में बैठकर ही कोम्प्यूटर पर डिज़ाइन का काम करना है ।

        ज्वेलरी डिज़ाइन में जॉब तुरंत ही मिल जाती है और अनलिमटेड तक रहती है। एकबार आप अच्छे डिज़ाइनर बन जाओगे तो नोकरी खुद ही आपको सामने से मिल जाएगी ।

       ज्वेलरी डिज़ाइन में आप लोकल मार्किट, डोमेस्टिक मार्किट, इन्टरनेशनल मार्किट यानि की दुनिया के किसी भी कोने में काम कर सकते हो । ज्वेलरी डिज़ाइन में अनलिमिटेड तक है और तो और दिन भर दिन उसकी डिमाण्ड भी बढ़ ही रही है । ज्वेलरी इंडस्ट्रीज में  केड डिज़ाइन पाया की जरूरियात है, जैसे जैसे फेशन का ट्रेंड बढ़ता है, वैसे वैसे डिज़ाइनर की डिमान्ड बढ़ती रहती है इसी लिए ज्वेलरी केड डिज़ाइन की डिमान्ड हंमेशा से रही है और आगे भी रहेगी ये पक्का है ।

       इसका कारण है की आज कल ज्वेलरी मार्किट बहुत ही विशाल हो गया है और आज के समय में आज की जनरेशन में ज्वेलरी का शोख दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है ।

    हर महीने आप की कमाई १२,००० से ५०,००० और उससे भी जयादा हो सकती है…

        ज्वेलरी डिज़ाइन में आप महीने में १२,०००  से ५०,००० और उससे भी ज्यादा कमा सकते हो, वो भी पूरा आपके ऊपर डीपेन्ड होता है डिज़ाइन के काम के साथ–साथ आप गहेना बनाने का भी ऑर्डर लेकर महीने में हजारो–लाखो रूपये कमा सकते हो   क्यों की, डिज़ाइन ज्वेलरी की नीव की जरूरियात होती है और आपको उनका पूरा ज्ञान होता है । डिज़ाइन सिखने में केवल 4 महिना जितना ही समय लगता है और उस की फ़ीस भी बहुत ही नोर्मल होती है ।

      में आपको जो ज्वेलरी की इन्कम के बारे में बताता हु उसके बारे में आप भी मार्किट में सर्वे करके जानकारी ले सकते हो ।

     ज्वेलरी डिज़ाइन फिल्ड में उदाहरण के तौर पर अम्रिता सिंघ, पूनम सोनी, फराह अली खान, सुहानी पीटी, वरुणा दी जानी का नाम ही काफी है ।

    २५,००० से भी शुरू कर सकते हो आपका बिजनेस…

       अगर आपको नोकरी की बजाई अपना खुद का बिजनेस शुरू करना हो तो केवल 25 हजार जितनी मामूली रकम से भी आप अपना बिजनेस कर सकते हो क्योंकी आपको नोलेज के साथ केवल एक कोम्प्यूटर की ही जरूरत होती है, बाद में आप अपनी मरजी के मुताबिक का इन्वेस्टमेंट करके अपना बिजनस डेवलप कर सकते हो ।

    ज्वेलरी  डिज़ाइन कोन सिख सकता है?

          ज्वेलरी  डिज़ाइन…. कोई भी छात्र, छात्राए, लड़का-लड़किया, बिजनेस वाले, नोकरी करनेवाले कोई भी सिख सकते है । इसमें अभ्यास की जरूरत नहीं होती, लेकिन आज के समय के हिसाब से अगर कम से कम कंप्यूटर आता होना चाहिए । और इसमें भी अगर आप में क्रिएटिविटी (स्किल) है तो पढ़ाई की भी जरूरत नहीं है । मार्किट में कई ऐसी कम्पनिया होती है, जिसको आपकी डिज़ाइन का महत्व होता है, ना की आपके अभ्यास का महत्व  ऐसी कम्पनी में आप जल्द से अपनी progress कर सकते हो ।

    ज्वेलरी डिज़ाइन में किस तरह से काम कर सकते है?

      ज्वेलरी डिज़ाइन में आप पार्ट टाइम, फुल टाईम, घर पे बेठकर या तो अपनी ऑफिस यानि की आपका अपना बिजनस करके आपकी मरजी मुताबिक आप काम कर सकते हो ।

      ज्वेलरी डिज़ाइन में आप करियर फिल्ड फिक्स करके फुल टाइम काम कर सकते हो ।

      अगर कोई छात्र हे, तो वो अभ्यास के साथ-साथ पार्ट टाइम काम करके पढाई और पॉकेट मनी का खर्च निकाल सकता है ।

      नोकरी करनेवाला व्यक्ति भी अपनी फिल्ड के साथ साथ या तो फिर उसे छोड़कर अपनी पसंदीदा फिल्ड में जाने से पहले पार्ट टाइम और बाद में फुल टाइम भी जॉब कर सकते है या तो फिर अपना खुद का बिजनस भी कर सकते है ।

      औरते अपने घर का काम-काज करने के साथ फ्री समय में डिज़ाइन का काम कर सकती है ।

      धंधेवाला व्यापारी भी अपने बिजनेस के डेवलपमेंन्ट के लिए डिज़ाइन सिखते है । उसके पास डिज़ाइन बनाने का समय नहीं होता है लेकिन डिज़ाइनर के पास से किस तरह से काम लेना है, या तो फिर मार्किट में क्या नया क्रिएशन देना है, मार्किट में चल रहे न्यू फेशन ट्रेंड को गहेराइ से समजने के लिए डिज़ाइन सिखते है और फिर डिज़ाइनर के पास से काम करवाते है ।

    ज्वेलरी डिजाइन कोर्स सीखने का समय

        4  महीने ( दैनिक 2 घंटा )

            +

       2  महीने इंटर्नशिप ( दैनिक 10 घंटे )

              डिजाइन कोंसेप्ट ( पेंन्डन्ट, मंगलसुत्र, इअरींग, नेकलेस, रींग, बेन्गल्स, ब्रेसलेट, नेकलेस )

       ज्वेलरी  डिज़ाइनर बनने के बाद, टेक्सटाइल क्षेत्र में डिज़ाइन के अलावा अन्य करियर विकल्प भी हैं जैसे,

                 मेन्युअल डिजाइनर

                 ओर्डर मेकर  

                  मेन्युफेक्चर

                 होल सेलर

                 रिटेलर

                 मार्केटींग एक्जीक्यूटिव

          एक बार ज्वेलरी डिज़ाइनर बन जाने के बाद ज्वेलरी के किसी भी क्षेत्र में कुशलता से काम किया जा सकता है, क्योंकि डिजाइन एक बुनियादी ज्ञान है ।

      100% जॉब गेरेंटी :-

                मारुती इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन स्टुडन्ट का कोर्ष खत्म होजाने के बाद स्टुडन्ट को 100% जॉब दी जाती है ।  हमारी संस्था नोकरी की गारंटी इस लिए देती है, की मार्किट में ज्वेलरी  डिज़ाइनर की फुल डिमान्ड रहती है 

     लाइफ टाइम सपोर्ट :-

        किसी भी स्टुडन्ट का कोर्ष ख़तम हो जाने के बाद काम करने के लिए प्लेटफार्म मिलना जरूरी होता है । प्लेटफार्म मिलने के बाद भी काफी सारी तकलीफे आती है  उसी वक्त सपोर्ट की जरूरत होती है । एकबार  डिज़ाइनर बन जाने के बाद भी मार्किट में बहुत सारे नए कन्सेप्ट आते रहते है । कई बार ऐसा होता है की कुछ कन्सेप्ट समज में नहीं आ रहे है, तब वो सीखने के लिए सपोर्ट (साथ–सहकार) की जरूरत रहती है । मतलब की जब कभी स्टुडन्ट को डिज़ाइन के बारे में या जॉब के रिलेटेड कभी भी हेल्प की जरूरत हो तब हमारी संस्था सपोर्ट करने के लिए हमेशा तैयार रहती है।

       हॉस्टल की सुविधा

           गांव, शहर और राज्य यानी की दूर से आनेवाले विद्यार्थी के लिए मारुती इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन के द्वारा हॉस्टेल की सुविधा भी प्रदान की जाती है । जिससे दूर से आनेवाले विद्यार्थी यह कोर्ष सीख सके और अपना उज्जवल भविष्य बना सके ।

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